अंतरराष्ट्रीय रेस्तरां की अंबाला शाखा में सफाई की पोल

By CJ Rajeev Chander Sharma

अंबाला छावनी, 11 जून। पिज्जा विक्रेता डोमिनो की अंबाला छावनी का फर्श गंदा पड़ा है। जिसे देखकर घिन्न होती है। मेज पर कटा हुआ संतुष्टि की गारंटी का स्टिकर लगा है। परंतु तथाकथित डिलाइट मैनेजर का कहीं फोन नंबर, ई-मेल या डाक का पता नहीं लिखा है। पुरुष शौचालय का ही प्रयोग मूत्रालय के लिए भी होने के कारण पाश्चात्य पद्धति की शौचालय की कुर्सीनुमा सीट साफ नहीं रह पाती। वैश्विक प्रबंधन के मानक के अनुसार प्रत्येक घंटे के पश्चात सफाई होनी चाहिए और किसी निरीक्षक के द्वारा निरीक्षण किया जाना चाहिए। निरीक्षण सही साफ सफाई होने पर दरवाज़े के पीछे लगी तालिका में प्रविष्ट कर अपने हस्ताक्षर करेगा। पर्याय: ऐसा होता नहीं है। किसी विकसित देश के मुख्यालय में नियोजित व्यवस्था की भारत और वह भी अंबाला छावनी जैसी जगह पर स्थित शाखा में धज्जियां उड़ती दिखाई देती हैं, ऊपर कैमरे से ली गई तस्वीर में। रात साढ़े आठ बजे ली गई तस्वीर बोलतीं है कि दोपहर बारह बजे के बाद सफाई नहीं हुई, यदि कभी हुई भी होगी तो उसका किसी ने निरीक्षण तो पक्का नहीं किया। यहां बैठ कर खाने के आर्डर को बांध कर लें जाने वाले के रूप में भी अंकित कर दिया जाता है। जब अगली आर्डर संख्याएं बोर्ड पर प्रदर्शित होने लगी तो वहां मौजूद सफाई कर्मी का ध्यान आकृष्ट करने पर वह कुछ मिनट बाद आर्डर लै आता है। वेटर और सफाई कर्मी की भूमिका एक ही व्यक्ति उसी समय एक साथ निबाह रहा है। जबकि कंपनी इन दोनों कार्ययोजना केलिए दो अलग-अलग नियुक्ति का प्रावधान करती है। ऐऊ वैश्विक स्तर के रेस्तरां भारत में आ कर अपने चच्च गुणवत्ता के मापदंडों के साथ समझौता क्यों कर लेती हैं?

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